बिहार के मुजफ्फरपुर में शिक्षा विभाग में बड़ी लापरवाही सामने आई है। गुलदस्ता एवं लाठी वितरण में जिन 20 शिक्षकों पर प्राथमिकी दर्ज कराई गई उनमें से चार शिक्षक थे ही नहीं। यही नहीं जो चार शिक्षक थे ही नहीं उनका वेतन भी बंद करने का आदेश जारी कर दिया गया। जांच में मामला सामने आने के बाद अब खलबली मची है।

जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। शिक्षा विभाग में आजकल सबकुछ सही नहीं चल रहा है। नया मामला शिक्षकों के नाम से दर्ज प्राथमिकी का है। जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय ने गुलदस्ता एवं लाठी वितरण में जिन 20 शिक्षकों पर प्राथमिकी दर्ज कराई, उनमें चार शिक्षक थे ही नहीं।यही नहीं, जो चार शिक्षक थे ही नहीं उनका वेतन भी बंद करने का आदेश जारी कर दिया गया। जांच में मामला सामने आने के बाद अब खलबली मची है। यह इसलिए हुआ कि वेतन जारी करने का आदेश आया तो इनमें 16 शिक्षक ही मिले। क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशक के पत्र से भी यह बात सामने आई है।कुढ़नी प्रखंड के उच्च माध्यमिक स्कूल करमचंद्र रामपुर बलरा मध्य विद्यालय के प्रधानाध्यापक और जिला शिक्षा पदाधिकारी के बीच चार मार्च, 2024 को मारपीट की घटना घटी थी। इसके बाद शिक्षक संगठन ने गुलदस्ता और लाठी वितरण किया था।




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