नगर परिषद पटौदी जाटौलीमंडी की 50 वर्षों से अधिक समय से कब्जाई गई 4 एकड़ बेशकीमती जमीन को शुक्रवार को पुलिस बल की सहायता से खाली करा लिया गया। जमीन पर बने मकान तोड़ दिए गए। अधिकारियों का कहना है कि मकान तोड़ने से पूर्व कब्जाधारी को नोटिस दिए गए थे। उच्चाधिकारियों के आदेश के बाद ही कार्यवाही अमल में लाई गई है।
शुक्रवार को तोड़-फोड़ दस्ते के साथ भारी पुलिस बल नया गांव मोड़ पर पहुंची। आरोप है कि पटौदी के रहने वाले धर्मपाल ने यहां कब्जा किया हुआ था। कब्जा खाली करने के नगरपरिषद पटौदी जाटौलीमंडी द्वारा बार-बार नोटिस दिए गए। आरोपी के पास न ही तो जमीन के कागजात थे और न ही वो कब्जा हटाने के लिए तैयार था। ऐसे में कानूनी रूप से मकान तोड़कर कब्जा हटाने
के आदेश जारी किए गए। भारी पुलिस बल और अधिकारियों के सामने कब्जाधारियों की सर्दी के कारण मकान नहीं तोड़ने की गुहार भी काम नहीं आई।घर का सामान बाहरः जैसे ही कब्जा साफ कराने के लिए सरकारी दस्ता खेत में पहुंचा, अधिकारियों ने परिजनों को घर का सामान निकालने की हिदायत दी गई। बाद में घर का सारा सामान बाहर रख दिया गया। फिलहाल, कब्जा साफ कर दिया गया। वहीं धर्मपाल के परिजनों का कहना है कि भरी सर्दी में उनका मकान तोड़ दिया, यह उनके साथ अन्याय है। पटौदी नगरपरिषद द्वारा करोड़ों की जमीन कब्जा की गई।




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